तुम्हें समझ आएगा कि तुम किसी के सच्चे मुहब्बत थे। तुम्हें समझ आएगा कि तुम किसी के सच्चे मुहब्बत थे।
इसलिए जिये जाओ इस सफर को हँसते हँसते रफ्ता रफ्ता। इसलिए जिये जाओ इस सफर को हँसते हँसते रफ्ता रफ्ता।
गीला मन भी इधर उधर भटका कहीं ना मिला भटकने में भूल ही गया कहां है ठिकाना अपना। गीला मन भी इधर उधर भटका कहीं ना मिला भटकने में भूल ही गया कहां है ठिकाना अपन...
गिरे पत्तों का कसुर नहीं था वो तो पेड़ों के लिए पुराने हो गए थे! गिरे पत्तों का कसुर नहीं था वो तो पेड़ों के लिए पुराने हो गए थे!
यादों में एक गुलाब जो था खिला मुरझा गया है वो जो टूट गया । यादों में एक गुलाब जो था खिला मुरझा गया है वो जो टूट गया ।
रहता बाकि करने को पश्चाताप है फिर भी हमें कहते रहना सब मंगल है। रहता बाकि करने को पश्चाताप है फिर भी हमें कहते रहना सब मंगल है।